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Lal Krishna Advani Biography : जाने भारत रत्न से सम्मानित लाल कृष्ण आडवाणी के जीवन परिचय, उम्र, पार्टी, पत्नी, बच्चे 2024

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Lal Krishna Advani
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भारत के जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का ऐलान हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खुद इस बात को पुष्टि करते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट करते हुए जानकारी दी. लाल कृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न पुरस्कार अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा के बाद भारत रत्न दिए जानेका ऐलान किया गया है. तो आईए जानते हैं भारत रत्न सम्मानित लाल कृष्ण आडवाणी के जीवन परिचय (Lal Krishna Advani Biography in hindi) के बारे में विस्तार में.

लाल कृष्ण आडवाणी कौन है ? (lal krishna advani kon hai) ( Who is Lal Krishna Advani )

लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा पूर्व उप प्रधानमंत्री है. लाल कृष्ण आडवाणी जी ने भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीतिक में एक प्रमुख पार्टी बनाने में उनका बहुत बड़ी योगदान माना जाता है. लाल कृष्ण आडवाणी जी भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं.

लालकृष्ण आडवाणी जी को भारतीय जनता पार्टी को पूर्ण रूप से खड़ा करने में और उसे राष्ट्रीय स्तर पर लाने का श्रेय मैं लाल कृष्ण आडवाणी का नाम सबसे ऊपरआता है. लाल कृष्ण आडवाणी जी को पार्टी के कर्णधार कह गए कभी लोह पुरुष और कभी पार्टी का असली चेहरा तथा कुल मिलाकर पार्टी के आज तक के इतिहास का हम अध्याय लाल कृष्ण आडवाणी को माना जाता है.

लाल कृष्ण आडवाणी का जीवन परिचय ( Lal Krishna Advani Biography in Hindi )

नामलाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani )
पिताजी का नामकिशनचंद डी आडवाणी
माता जी का नामज्ञानी आडवाणी
जन्म (lal krishna advani date of birth)8 नवंबर1927
उम्र96 वर्ष (2024 के हिसाब से )
धर्महिंदू
राष्ट्रीयताभारतीय
जन्म स्थानब्रिटिश भारत में पाकिस्तान के कराची में
वर्तमान पतानई दिल्ली
ऑक्यूपेशनराजनेता राजनीतिज्ञ
सम्मानपद्म विभूषण पुरस्कार 2014, भारत रत्न 2024
पदभारउप प्रधानमंत्री, बीजेपी संस्थापक के सदस्य, ग्रहमंत्री, सांसद, राज्यसभा, पार्टी अध्यक्ष इत्यादि

Table of Contents

लाल कृष्ण आडवाणी  का जन्म और प्रारंभिक जीवन (Lal krishna advani history)

लाल कृष्ण आडवाणी जी (Lal Krishna Advani) का जन्म 8 नवंबर 1927 (date of birth lal krishna advani) में आजादी से पहले ब्रिटिश भारत में एक सिंधी हिंदू परिवार में पाकिस्तान के कराची में हुआ था. उनके पिताजी का नाम श्री किशन चंद डी आडवाणी और माता जी का नाम ज्ञानी आडवाणी था. भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बादलाल कृष्ण आडवाणी भारत चले आए. लाल कृष्ण आडवाणी जी ने 1941 में अपने 14 साल की उम्र में ही RSS में शामिल हो गए और राजस्थान प्रचारक के रूप में काम करने लगे.

1951 में लाल कृष्ण आडवाणी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी द्वारा स्थापित भारतीय जन संघ के सदस्य में हिस्सा लिया. उसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी जी ने दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सहित संसदीय मामला के प्रभारी तथा महा सचिव लगायत विभिन्न भूमिकाएं निभाई. 1967 में उन्हें दिल्ली महानगर परिषद के प्रथम अध्यक्ष के रूप में चुना गया और आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बनकर 1970 तक अपना सेवा प्रदान की.

1970 में आडवाणी की पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने और 1989 तक चार कार्यकाल तक अपना सेवा प्रदान की. 1980 में लाल कृष्ण आडवाणी अटल बिहारी वाजपेई के साथ मिलकर बीजेपी यानी कि भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्य के रूप में अपना सेवा प्रदान की. उसे वक्त लालकृष्ण आडवाणी भारतीय जनता पार्टी के तीन बार अध्यक्ष के रूप में काम किया. लाल कृष्ण आडवाणी 1998 से लेकर 2004 तक गृह मंत्री रहे और 2002 से 2004 तक भारत के उप प्रधानमंत्री के रूप में अपना सेवा प्रदान की.

लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने भारतीयसांसदके रूप में 2019 तकअपना सेवा प्रदान की इसलिए उन्हें राजनीतिक दल के रूप में भाजपा के उदय का श्रेय माना जाता है. इसलिए उन्हें 2015 में भारत के दूसरे सबसे बड़े सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और 2024 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

लाल कृष्ण आडवाणी का शिक्षा (lal krishna advani education)

लाल कृष्ण आडवाणी जी ने अपने शुरु आती शिक्षा सेंट पैट्रिक हाई स्कूल कराची औ रनेशनल कॉलेज हैदराबाद सिंध में हुआ था. और उसके बाद बाद में भारत आने के बाद उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई किया. 

लाल कृष्ण आडवाणी  के परिवार पत्नी और बच्चे ( Lal Krishna Advani Family, Wife, Daughter, Son )

लाल कृष्ण आडवाणी जी ने जब भारत और पाकिस्तान की विभाजन हुई थी तब उन्हों ने भारत आकर 25 फरवरी 1965 में कमला आडवाणीसे शादी की. और उनके दो बच्चे भी हैं. एक बेटा और एक बेटी बेटी का नाम प्रतिभा और बेटा का नाम जयंत आडवाणी है. लालकृष्ण आडवाणी के बेटी एक टेलीविजननिर्माता है और अपने पिता की राजनीतिक गतिविधियों में उनके समर्थन करती है. लाल कृष्ण आडवाणीकी पत्नी 6 अप्रैल 2016 को वृद्धावस्था के कारण निधन हो गई है.

लाल कृष्ण आडवाणी की राजनीतिक जीवन (Lal Krishna Advani Political life )

1991 में डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जन संघ की स्थापना की थी तब से लेकर 1957 तक लाल कृष्ण आडवाणी पार्टी के सचिव के रूप में रहे और 1973 से 1977 तक लाल कृष्ण आडवाणी ने भारतीय जन संघ के अध्यक्ष का दायित्व निभाया और अपना योगदान दिया. 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना के बाद 1986 तक लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी के महासचिव के रूप में अपना सेवा प्रदान की और इसके बाद 1986 से 91 तक पार्टी के अध्यक्ष के पद पर अपना उत्तरदायित्व को संभाल. 

लाल कृष्ण आडवाणी का 1990 राम रथ यात्रा

1990 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani ) ने राम मंदिर आंदोलन के दौरान उन्होंने सोमनाथ से अयोध्या के लिए राम रथ यात्रा निकाली थी. लेकिन लाल कृष्ण आडवाणी को बीच में ही गिरफ्तार कर लिया गया था. पर इस यात्रा के बाद लाल कृष्ण आडवाणी का नेतृत्व और बड़ा हो गया. 1990 की रथ यात्रा ने लाल कृष्ण आडवाणी जी की लोक प्रियता को चरम पर पहुंचा. और इसी के साथ-साथ 1993 में बाबरी मस्जिदध्वस्त के बाद जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गयाथा उसमें लाल कृष्ण आडवाणी का भी नाम शामिलहै.

लाल कृष्ण आडवाणी की पार्टी में भूमिका

लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) तीन बार भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं और लाल कृष्ण आडवाणी चार बार राज्यसभा के और पांच बार लोकसभा के सदस्य भी रहेहैं. इसके साथ-साथ 1977 से 1979 तक पहली बार केंद्रीय सरकार में कैबिनेट मंत्री की हैसियत से लाल कृष्ण आडवाणी ने अपना पदभार संभाला और इस दौरान उन्हें सूचना प्रसारण मंत्री भी बनाया गया.

लालकृष्ण आडवाणी ने अभी तक के राजनीतिक जीवन में पार्टी का जो सर्वोच्च पद संभाला है. साथी लाल कृष्ण आडवाणी एनडीए शासन काल के दौरान उप प्रधानमंत्री भी बने थे. लाल कृष्ण आडवाणी ने 1999 में एनडीए की सरकार बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्रीका भी पदभार संभाला था. लाल कृष्ण आडवाणी को एक अच्छे संसद के रूप में अपनी भूमिका के लिए कभी सरे गए तो कभी पुरस्कृत भी किए गए.

लाल कृष्ण आडवाणी की राजनीतिक सफर (Lal Krishna Advani Political Life )

लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) जी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1941 से 14 साल की उम्र से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आरएसएस में शामिल होने के बाद से किया. लाल कृष्ण आडवाणी को उसे वक्तआरएसएस के शाखों का संचालन करने वाले प्रचारक बन गए और 1947 में कराची इकाई के सचिव भी बने. उसके बाद भारत के विभाजन के बाद आडवाणी राजस्थान में प्रचारक के रूप में और अलवर भरतपुर कोटा बूंदी में काम किया.

1991 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) भारतीय जनसंघ  सदस्य और डीएमसी अध्यक्ष बने. उसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी को राजस्थान में जनसंघ के तत्कालीन महासचिव से भंडारी के जगह सचिव के रूप में नियुक्ति किया गया था. 1957 में वह दिल्ली चले गए और दिल्ली इकाई के महासचिव और बाद में अध्यक्ष बन गए. 1966 से 1967 तक लाल कृष्ण आडवाणी ने दिल्ली मेट्रोपोलियन काउंसिलमें बीजेएस नेता के रूप में काम किया. उसके बाद उन्हें दिल्ली महानगर परिषद चुनाव के बाद उन्हों ने परिषद के अध्यक्ष के रूप में काम किया और 1970 तक सेवा प्रदान की.

1970 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को 6 साल तक दिल्ली से राज्यसभा के सदस्य बनने के बाद अपना सेव प्रदान की. और 1993 में उन्हें पार्टी कार्य समिति की बैठक के कानपुर सत्र में उन्हें विजय यश के अध्यक्ष के रूप में चुना गया.

1976 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) दूसरी बार गुजरात से राज्यसभा के लिएचुने गए. और उसे वक्त आपातकाल लागू होने के बाद उसे वक्त के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा विपक्षी दलों पर कार्रवाई करने के बाद विजय यश और अन्य विपक्षी दलों का जनता पार्टी में विलय हो गया. उसे वक्त इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के कारण 1977 के चुनाव में जनता पार्टी ने भारी मतों से जीत हासिल की.

और उसे वक्त मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री (Lal Krishna Advani) बने और लाल कृष्ण आडवाणी सूचना एवं संचार मंत्री बने थे. उसे वक्त सरकार ने अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई और 1980 में नए चुनाव कराने के लिए इसे भंग कर दिया गया जहां जनता पार्टी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हार गई. और उसके बाद लाल कृष्ण आडवाणी राज्यसभा में विपक्षी के नेता बन गए.

6 अप्रैल 1980 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने जनसंख्या के कुछ तत्कालीन सदस्यों के साथ जनता पार्टी को छोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी का गठन किया. और भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष के रूप में अटल बिहारी वाजपेई रहे. 1983 में तीसरी बार लालकृष्ण आडवाणी को भाजपा का प्रतिनिधित्व करते हुए.

मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने गए और 1984 के चुनाव में भाजपा ने केवल दो ही सीट हासिल की जबकि कांग्रेस ने इंदिरा गांधी की हत्या के कारण सहानु भूति लहर के कारण भारी मतों से जीत हासिल की थी. इस हार के बाद भारतीय जनता पार्टी में कुछ बदलाव आया और आडवाणी को पार्टी अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति किया गया और बीजेपी जन संघ की हिंदुत्व विचार धारा की और मुड़ गई.

1990 में लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) ने राम रथ यात्रा की शुरुआत की जो राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए स्वयंसेवकों को संगठित करने के लिए एक रात के साथ एक जुलुस था. यह जुलूस गुजरात के सोमनाथ से शुरू हुआ और अयोध्या में जाकर एकत्रित हुआ. 1991 के आम चुनाव में भाजपा कांग्रेस के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई और लाल कृष्ण आडवाणी गांधीनगर से दूसरी बार जीते हुए फिर से विपक्षी नेता बन गए. 1993 में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया था, और लाल कृष्ण आडवाणी पर विध्वंस से पहले भड़काऊ भाषण देने का आरोपी लगाया गया था.

लेकिन 30 सितंबर 2020 को सीबीआई की विशेष अदालत ने लालकृष्ण आडवाणी जी को बरी कर दिया. इस फैसले में यह दावा किया गया कि बाबरी मस्जिद विध्वंस पूर्व नियोजित नहीं था और लाल कृष्ण आडवाणी की भीड़ को रोकने की कोशिश कर रहे थेना की भीड़ को उकसाने का काम कर रहे थे.

1996 के आम चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उबर आई और परिणाम स्वरूप राष्ट्रपति द्वारा उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित भी किया गया. लेकिन यहां पर भीलाल कृष्ण आडवाणी ने हवाला कांड में शामिल होने के आप पर चुनाव नहीं लड़ा जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया लेकिन 1996 में अटल बिहारी वाजपेई ने प्रधानमंत्री के रूप में अपना शपथ ली लेकिन 13 दिन में ही सरकार गिर गई.

1998 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता तांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सत्ता में आ गई और मार्च 1998 अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री के रूप में वापस लौटे. उसे वक्त लाल कृष्ण आडवाणी को तीसरी बार लोकसभा के लिए चुने गए और गृह मंत्री बने. लेकिन फिर से 13 दिन के बाद सरकार गिर गई.

फिर से नए चुनाव के घोषणा के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले इंडिया ने 1999 के आम चुनाव में फिर से बहुमत हासिल करते हुए जीत हासिल की. और फिर से लाल कृष्ण आडवाणी चौथी बार गांधीनगर से जीते और उन्होंने क्रिया मंत्री का पद संभाला और 2002 मैं उन्हें ऊपर प्रधानमंत्री के रूप में पदोन्नति किया गया.

2004 के आम चुनाव में भाजपा को हर की सामना करना पड़ा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सत्ता में आ गई और मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनगए. लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा में अपना पांचवा कार्यकाल जीता और विपक्षी के नेताबने. 2004 की हार के बाद अटल बिहारी वाजपेई ने सक्रिय राजनीतिक से संन्यास ले लिया और लाल कृष्ण आडवाणी को भाजपा का नेतृत्व करने के लिए आगे बढ़ाया.

जून 2005 में पाकिस्तान के कराची की यात्रा के दौरान लालकृष्ण आडवाणी ने मोहम्मद अली जिन्ना को एक क्ष धर्मनिरपेक्ष नेता भी बताया था. जिसके कारण लालकृष्ण आडवाणी को आरएसएस के तरफ से आलोचना भी झेलनी पड़ी थी. औरलाल कृष्ण आडवाणी को भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा भीदेना पड़ा था. लेकिन फिर कुछ दिन के बाद उन्होंने दोबारा इस्तीफा वापस लिया. फिर उसके बाद 2005 में मुंबई में भाजपा के रजत जयंती समारोह में लाल कृष्ण आडवाणी ने पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ दिया और उनके स्थान पर उत्तर प्रदेश से राजनाथ सिंह को अध्यक्ष के रूप में चुना गया.

2009 मेंलाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी के लिए चुना गया. हालांकि लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा में अपना 6 कार्यकाल तो जीत लिया लेकिन 2009 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस से हार गई. उसके बाद कांग्रेस की तरफ से तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को फिर से प्रधानमंत्री बनाया गया.

चुनाव के हार के बाद लाल कृष्ण आडवाणी ने विपक्ष के नेता का पद सुषमा स्वराज को सौंप दिया और उन्होंने 2010 में राष्ट्रीय जनता तांत्रिक गठबंधन का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया. लाल कृष्ण आडवाणी ने 2014 का आम चुनाव गांधीनगर से लड़ा और लगातार पांचबार फिर से जीत हासिल की बाद में वह मुरली मनोहर जोशी और अटल बिहारी वाजपेई के साथ भाजपा के मार्गदर्शक मंडल का हिस्सा बने.

लालकृष्ण आडवाणी की यात्राएं

अपने राजनीतिक कैरियर में लालकृष्ण आडवाणी जी नेबहुत सारे महत्वपूर्ण यात्राएं भी की है.

  • राम रथ यात्रा
  • जनादेश यात्रा
  • भारत सुरक्षा यात्रा
  • स्वर्ण जयंती रथ यात्रा
  • भारत उदय यात्रा

लाल कृष्ण आडवाणी का पुरस्कार और सम्मान (Lal Krishna Advani Awards )

  • 2015 में भारत सरकार द्वारालाल कृष्ण आडवाणी जी को पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • 2024 में लाल कृष्ण आडवाणी जी को भारत सरकार ने देश के सबसे बड़े सम्मान भारत रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

लाल कृष्ण आडवाणी को मिला भारत का सबसे बड़ी सम्मान भारत रत्न पुरस्कार

2 फरवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी की लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) को भारत के सबसे बड़े सर्वोच्च सम्मान भारत रत्नपुरुष पुरस्कार से सम्मानित करते हुए इस बात को पुष्टि की.

लाल कृष्ण आडवाणी की रुचि (Lal Krishna Advani Hobbies )

लाल कृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) हमेशा पुस्तक, संगीत और सिनेमा में विशेष रुचि रखा करते थे. 

लाल कृष्ण आडवाणी से जुड़ी महत्वपूर्ण तथ्य ( Important Fact of Lal Krishna Advani )

  • 1936-1942– कराची के सेंट पैट्रिक्स स्कूल में पढ़ाई, 10वीं तक रह क्लास में किया टॉप
  • 1942– राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में शामिल हुए
  • 1942– भारत छोडो आंदोलन के दौरान गिडूमल नैशनल कॉलेज में दाखिला।
  • 1944– कराची के मॉडल हाई स्कूल में बतौर शिक्षक नौकरी
  • 12 सितंबर, 1947– बंटवारे के बाद सिंध से दिल्ली के लिए रवाना
  • 1947-1951– अलवर, भरतपुर, कोटा, बुंडी और झालावार में आरएसएस को संगठित किया
  • 1957-अटल बिहारी वाजपेयी की सहायता के लिए दिल्ली शिफ्ट हुए।
  • 1958-63– दिल्ली प्रदेश जनसंघ में सचिव का पदभार संभाला.
  • 1960-1967– ऑर्गनाइजर में शामिल, यह जनसंघ द्वारा प्रकाशित एक मुखपत्र है।
  • फरबरी 25, 1965– श्रीमती कमला आडवाणी से विवाह, प्रतिभा एवं जयंत-दो संतानें
  • अप्रैल 1970– राज्यसभा में प्रवेश
  • दिसंबर 1972– भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष नियुक्त किए गए।
  • 26 जून, 1975– बैंगलोर में आपातकाल के दौरान गिरफ्तार, भारतीय जनसंघ के अन्य सदस्यों के साथ जेल में कैद।
  • मार्च 1977 से जुलाई 1979– सूचना एंव प्रसारण मंत्री
  • मई 1986- भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने
  • 1980-86– भारतीय जनता पार्टी के महासचिव बनाए गए
  • मई 1986– भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बनाए जाने का ऐलान.
  • 3 मार्च 1988– दोबारा पार्टी अध्यक्ष बने।
  • 1988– सरकार में बने गृह मंत्री
  • 1990– सोमनाथ से अयोध्या, राम मंदिर रथ यात्रा का शुभारंभ
  • 1997- भारत की स्वतंत्रता की स्वर्ण जयंती मनाते हुए स्वर्ण जयंती रथ यात्रा का उत्सव
  • अक्टूबर 1999 – मई 2004 – केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, गृह मंत्रालय
  • जून 2002 – मई 2004 – उप-प्रधानमंत्री

सारांश

इस लेख में हमने जाना Lal Krishna Advani Biography, जाने भारत रत्न से सम्मानित लाल कृष्ण आडवाणी के जीवन परिचय, उम्र, पार्टी, पत्नी, बच्चे 2024 के बारे में आशा करता हूं आप लोगों को यह लेख जरूर पसंद आई हो. यदि किसी तरह का कोई सुझाव या सलाह है तू नीचे दी गई कमेंट बॉक्स में कमेंट जरुर करें धन्यवाद.

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FAQs.

Q. लाल कृष्ण आडवाणी का जन्म कब हुआ था ?

A. 8 नवंबर1927

Q. लाल कृष्ण आडवाणी का पिता जी का नाम क्या था ?

A. किशनचंद डी आडवाणी

Q. लाल कृष्ण आडवाणी को पद्म विभूषणपुरस्कार कब मिला ?

A. 2015

Q. लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न सम्मानकब मिला ?

A. 2024

Q. लाल कृष्ण आडवाणी कौन है ?

A. लाल कृष्ण आडवाणी एक राजनेतातथा भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री थे.

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