जीवन परिचय

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प्रभा अत्रे भारतीय शास्त्रीय गायिका जो किराना घराना (Prabha Atre Gharana) से ताल्लुक रखती है. जिन्हें भारत सरकार द्वारा पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया था. 13 जनवरी 2024 को अचानक उन्हें सांस लेने में कठिनाई होती है और उन्हें जल्द से जल्द दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ले जाया जाता है. लेकिनअस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी हृदय की गति रुकने के कारण रास्ते में ही मृत्यु हो जाती है. जी हां प्रभा अत्रे की13 जनवरी 2024 को 91 वर्ष आयु में निधन हो गया है. आईए जानते हैं प्रभा अत्रे कौन थी? और उनकी जीवन परिचय के बारे में बिस्तर में

Table of Contents

प्रभा अत्रे  की जीवन परिचय ( Prabha Atre Biography In Hindi )

नामप्रभा अत्रे (Dr. Prabha Atre )
पिताजी का नामअबासाहेब
माता जी का नामइंदिरा बाई अत्रे 
बहनका नामउषा अत्रे
जन्म13  सितंबर 1932
जन्मस्थानपुणे, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत, भारत)महाराष्ट्र (वर्तमान
निधन13 जनवरी 2024 (महाराष्ट्र के पुणे में ) 
आयु91वर्ष
शिक्षापुणे विश्वविद्यालय (बी.एससी)(एलएलबी)गंधर्व महाविद्यालय संगीत विद्यालय (पीएचडी)
पुरस्कारसंगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 1991
सम्मानपद्मश्रीपुरस्कार 1990/  पद्म भूषण पुरस्कार2002 / पद्म विभूषण पुरस्कार 2022
आधिकारिकवेबसाइटwww.prabhaatre.com

प्रभा अत्रे (Prabha Atre )

डॉक्टर प्रभा अत्रे शास्त्रीय संगीत की दुनिया के एक जाने माने नाम है. प्रभा अत्रे कलाकार, संगीतकार, लेखक, और संगीत के अलग-अलग पहलुओं की गहरी जानकारी के साथ-साथ अपनी रचनात्मक कला से एक अलग पहचान बनाने वाली डॉक्टर प्रभा अत्रे अब इस दुनिया में नहीं रही. प्रभा अत्रे हिंदुस्तानी शास्त्रीय परंपरा की शीर्ष गायिकाओं में से एक थी. उन्होंने भारतीय शास्त्र जगत में बहुत ही बड़ा भूमिका निभाई थी. डॉक्टर प्रभा अत्रे उन दुर्लभ कलाकारों में से एक है जिन्होंने संगीत की अलग-अलग विधाओं में महारथी हासिल की थी. जैसे ख्याल, ठुमरी, दादर, गजल, नाट्य संगीत, भक्ति गीत इत्यादि. 

प्रभा अत्रे के जन्म महाराष्ट्र के पूरे मेंहुआ था. प्रभा अत्रे को बचपन से ही संगीत में गहरी रुचि होने के कारण उन्होंने गुरु शिष्य परंपरा के तहत शिक्षा ली थी. संगीत क्षेत्र में निपुण प्रभा अत्रे की पढ़ाई साइंस में ग्रेजुएट थी. इसके साथ-साथ उन्होंने कानून की भी शिक्षा ली थी.  उन्होंने गंधर्व विद्यालय से संगीत अलंकार साथ ही उनके पास संगीत में डॉक्टर की डिग्री भी है. प्रभा अत्रे ने लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज से वेस्टर्न म्यूजिक की भी शिक्षा ली थी. 

प्रभा अत्रे ने स्वरागिनी और स्वरांजनी नमक की पुस्तिका भी लिखी है. प्रभा अत्रे ने अपूर्व कल्याण, दरबारी कंस, पटदीप मल्हार,  शिव कली, तिलंग भैरव, रवि भैरव और माधुरी कौन जैसे नए,रागों का आविष्कार भी किया है. प्रभा अत्रे ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के विषय पर संगीत पढ़ाया करती थी. व्याख्यान प्रदर्शन करती रही है. और लिखनी भी रही है.

प्रभा अत्रे अंतर्राष्ट्रीय कई सारे यूनिवर्सिटीज में भी विजिटिंग प्रोफेसर के रूप मेंरही है. प्रभा अत्रे के नाम पर11 पुस्तकजारी करने का भी विश्व रिकॉर्ड है. भारत की संगीत जगत के जाने-माने पुस्तकारों के साथ-साथ भारत सरकार ने डॉक्टर प्रभा अत्रे 1990 में पद्मश्री तथा 2002 में पद्मभूषण जैसे पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. 

प्रभा अत्रे की परिवार (Prabha Atre Family )

प्रभात्री की जन्म 13 सितंबर 1932 में हुआ था, उनके पिताजी का नाम अबासाहेब माता जी का नाम इंदिरा भाई अत्रे और बहन का नाम उषा अत्रे है.

प्रभा अत्रे की प्रारंभिक जीवन (Prabha Atre Yearly Life )

प्रभा अत्रे का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में आवास साहब और इंदिरा बाई अत्रे के घर में हुआ था. प्रभा अत्रे और उनके बहन उषा अत्रे को बचपन से ही संगीत में रुचिथी. लेकिन दोनों में से किसी ने भी संगीत का कोई करियर के रूप मेंनहीं अपना या था. लेकिन जब प्रभा अत्रे 8 साल की थी तब उनके माता इंदिरा बाई का स्वास्थ्य ठीक नहीं था.

और एक मित्र के सुझाव पर उन्हें शास्त्रीय संगीत की शिक्षा से उन्हें बेहतर महसूस करने में मदद मिलेगी इस तरह का सुझाव दिया. उसके बाद प्रभा अत्रे को शास्त्रीय संगीत सीखने की प्रेरणा मिली. प्रभा अत्रे की संगीत प्रशिक्षण गुरु शिष्य परंपरा के माध्यम सेहुआ था. प्रभा अत्रे ने अपना संगीत सुरेश बाबू माने और हीराबाई से ली है. साथ ही कथक नृत्य शैली में औपचारिक प्रशिक्षण भी लिया था. 

प्रभा अत्रे की शिक्षा ( Prabha Atre Education )

प्रभा अत्रे ने अपनी संगीत का अध्ययन करते हुए महाराष्ट्र के पुणे में फर्ग्यूसन कॉलेज से विज्ञान संकाय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी. बाद में उन्होंने महाराष्ट्र के पुणे में ही कानून यूनिवर्सिटी से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की. प्रभा अत्रे ने गांधर्व महाविद्यालय मंडल, ट्रिनिटी लवण संगीत और नित्य संगीत विद्यालयसे संगीत में पीएचडी की डिग्री हासिल की. उनकी पीएचडी की थीसिस का शीर्ष सरगम था.

प्रभा अत्रे की करियर (Prabha Atre Career )

प्रभा अत्रे ने अपने करियर की शुरुआती दिनों में एक गायन मंच अभिनेत्री के रूप मेंकुछ समय के लिए काम किया था. प्रभा अत्रे ने मराठी थिएटर में भी काम किया जिसमें संगीत नाटक जैसे संसाया कलोल मानव मां सोभद्रा और विद्या ग्रहण शामिल थी. प्रभा अत्रे किराना घरानाका प्रतिनिधित्व करने वाले देश के वरिष्ठ गायको में से एकथी. उन्होंने भारतीय शास्त्रीय गायन संगीत को वैश्विक रूप पर लोकप्रिय बनाने में भी बहुत बड़ी योगदान दिया है. 

प्रभा अत्रे पति, विवाह, बच्चे (Prabha Atre Husband, Marriage, Child )

बहुत लोग यह जानना चाहते हैं कि प्रभा अत्रे पति, का नाम क्या है. उनका विवाह कब हुई? तथा उनके बच्चे कितने हैं . लेकिन यदि आप लोग सही जानकारी जानना चाहते हैं तो प्रभा अत्रे ने कभी विवाह नहीं की. प्रभा अत्रे अपने मृत्यु यानी की 13 जनवरी 2024 तक कुंवारी थी.

प्रभा अत्रे एक संगीतकार के रूप में

  • रचनाओं की पुस्तक स्वरांगिनी और स्वरंजनी
  • उन्होंने अपूर्व कल्याण, दरबारी कौन्स, पटदीप-मल्हार, शिव काली, तिलंग-भैरव, रवि भैरव और मधुर-कौन्स जैसे नए रागों का भी आविष्कार किया।
  • पूर्ण-लंबाई वाले नृत्य कार्यक्रम ‘नृत्य प्रभा’ के अनुरूप संगीत रचनाएँ; – भरतनाट्यम नृत्यांगना सुचेता भिड़े चापेकर द्वारा कोरियोग्राफ किया गया।
  • जैज़ के लिए अनुकूलित संगीत रचना सुज़ैन एब्बुहल द्वारा नीदरलैंड
  • संगीत-नाटकों और संगीतिकाओं के लिए संगीत रचना।
  • प्रभा अत्रे की योगदान तथा गतिविधियां
  • ऑल इंडिया रेडियो में सहायक निर्माता।
  • ए ग्रेड – ऑल इंडिया रेडियो ड्रामा आर्टिस्ट (मराठी और हिंदी)।
  • व्यावसायिक संगीत नाटकों में मुख्य महिला भूमिका। (संगीत नाटक और संगीतिका)
  • वह पश्चिम के कुछ संस्थानों में विजिटिंग प्रोफेसर थीं, जिनमें रॉटरडैम कंजर्वेटरी भी शामिल था नीदरलैंड. संगीत संरक्षिका में विजिटिंग प्रोफेसर – मोंट्रेक्स स्विट्जरलैंड, कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय , लॉस एंजिलिस, एथ्नोम्यूजिकोलॉजी में उपयोग की जाने वाली शोध सामग्री का अध्ययन करने के लिए इंडो-अमेरिकन फ़ेलोशिप कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स, और विश्वविद्यालय में कैलगरी, अल्बर्टा, कनाडा.
  • ‘विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट’ के रूप में नियुक्ति” महाराष्ट्र सरकार द्वारा संगीत के क्षेत्र में सेवाओं को मान्यता देते हुए
  • संगीत विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख, एस.एन.डी.टी. महिला विश्वविद्यालय, मुंबई.
  • 1992 के आसपास, अत्रे ने एक वार्षिक पंडित सुरेशबाबू माने और हीराबाई बडोडेकर संगीत सम्मेलन संगीत समारोह शुरू किया। यह उत्सव हर साल दिसंबर में मुंबई में होता है।
  • ‘स्वरश्री’ के लिए मुख्य संगीत निर्माता और निर्देशक 1981 से रिकॉर्डिंग कंपनी
  • सलाहकार पैनल के सदस्य केंद्रीय फिल्म सेंसर बोर्ड, मुंबई 1984
  • राष्ट्रपति ‘गण वर्धन’ – पिछले 22 वर्षों से पुणे की एक प्रसिद्ध संगीत संस्था।
  • ‘डॉ. प्रभा अत्रे फाउंडेशन’ मई 2000 में पंजीकृत किया गया था।
  • अत्रे ने कुछ साल पहले पुणे में स्वरमयी गुरुकुल की स्थापना की थी। यह संस्था संगीत सिखाने की पारंपरिक गुरु-शिष्य शैली और समकालीन कक्षा शिक्षण का मिश्रण करती है।
  • अत्रे 2007 से सवाई गंधर्व भीमसेन महोत्सव का समापन कर रहा था, जिसे प्रतिष्ठित माना जाता है।( स्पष्टीकरण की आवश्यकता)
  • डॉ अत्रे ने एक व्याख्यान श्रृंखला “आलोक” बनाई; व्यावहारिक रूप से अपने संगीत संबंधी विचारों को प्रदर्शित करने के लिए। यह यूट्यूब पर उपलब्ध है और इसे बहुत अच्छी सार्वजनिक प्रशंसा मिली है।

प्रभा अत्रे की उपाधि तथा पुरस्कार (Prabha Atre Awards )

  • 1976 – आचार्य अत्रे पुरस्कार संगीत के लिए।
  • जगतगुरु शंकराचार्य ने “गान-प्रभा” की उपाधि प्रदान की
  • 1990 – पद्म श्री
  • 1991 – संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
  • जाइंट्स इंटरनेशनल अवार्ड, राष्ट्रीय कालिदास सम्मान
  • 2011 में संगीत नाटक अकादमी की ओर से टैगोर अकादमी रत्न पुरस्कार की घोषणा की गई
  • Dinanath Mangeshkar award
  • हाफ़िज़ अली खान पुरस्कार
  • ग्लोबल एक्शन क्लब इंटरनेशनल द्वारा अभिनंदन
  • Govind-Lakshmi award
  • Godavari Gaurav Puraskar
  • Dagar Gharana Award
  • आचार्य पंडित राम नारायण फाउंडेशन पुरस्कार मुंबई
  • उस्ताद फैय्याज अहमद खान मेमोरियल अवार्ड (किराना घराना)
  • ‘काला-श्री 2002’
  • 2002 – पद्म भूषण
  • पी.एल. देशपांडे बहुरूपि सन्मान
  • संगीत साधना रत्न पुरस्कार
  • ‘जीवन भर की उपलब्धि’ पुणे विश्वविद्यालय द्वारा पुरस्कार
  • महिम रत्न पुरस्कार शिवसेना मुंबई द्वारा
  • मुंबई के मेयर द्वारा अभिनंदन, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जीवनी कार्यों में नाम शामिल।
  • उनकी पुस्तक स्वर्मयी को राज्य सरकार पुरस्कार।
  • वर्ष 2011 से “स्वरायोगिनी डॉ. प्रभा अत्रे राष्ट्रीय शास्त्री संगीत पुरस्कार” तात्यासाहेब नाटू ट्रस्ट और गणवर्धन पुणे द्वारा स्थापित।
  • कई सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक संस्थानों के लिए समिति के सदस्य के रूप में कार्य करना।(उद्धरण आवश्यक)
  • अध्यक्ष रास्ता पेठ एजुकेशन सोसाइटी – पिछले 12 वर्षों से पुणे में एक अग्रणी शैक्षिक संघ।(उद्धरण आवश्यक)
  • prabha atre padma vibhushan (2022)  पद्म विभूषण
  • न्यूज़मेकर्स अचीवर्स अवार्ड्स 2022

प्रभा अत्रे की प्रकाशित किताबें (Prabha Atre Published Books )

  • संगीत रचनाओं की पुस्तकें: 1.स्वरंजनी 2. स्वरांगिनी 3. उसकी आवाज
  • उनके संगीत संबंधी विचारों वाली पुस्तकें: 1. स्वरमयी (मराठी और हिंदी) 2. सुस्वारली (मराठी और हिंदी) 3. संगीत के पथ पर 4. श्रोता को प्रबुद्ध करना
  • कविता की किताब: अन्तः स्वर (मराठी हिन्दी एवं अंग्रेजी)
  • प्रभा अत्रे की डिस्कोग्राफी
  • मारू बिहाग, कलावती, खमाजठुमरी
  • निरंजनी – पुरिया कल्याण, शंकर, बसंत
  • अनंत प्रभा – ललित, भिन्न शडजा, ठुमरीभैरवी
  • बागेश्री, खमाज ठुमरी
  • जोगकौन्स, तोड़ी, ठुमरी
  • मालकौंस, दादरा
  • Chandrakauns
  • Madhukauns
  • मधुवंती, देसी
  • यमन, भैरव
  • श्याम कल्याण, बिहाग, रागेश्री ठुमरी
  • ग़ज़ल और भजन 1970 के दशक के लाइव संगीत कार्यक्रमों की रिकॉर्डिंग

प्रभा अत्रे की योगदान तथा शिष्य ( Prabha Atre Disciple )

प्रभा अत्रे ने 1969 की शुरु आत में ही छात्रों को निजी शिक्षा देना शुरू कर दिया था. बाद में उन्होंने अपनी कुशल प्रशिक्षक वीडियो के माध्यम से कई छात्रों को मार्गदर्शन दिखाए. उन्होंने एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय मुंबई के प्रमुख के रूप में भी योगदान दिया था. प्रभा अत्रे ने 1960 से भारतीय शास्त्रीय संगीत सीखने और प्रचार करने के लिए कई विदेश की भी दौरा किया था.

प्रभा अत्रे ने पारंपरिक गुरु शिष्य परंपरा प्रणाली से प्रशिक्षित करने के लिए पुणे में स्वर्णमयी गुरुकुल की स्थापना भी की है. उनके प्रसिद्ध शिष्यों में से की अलका जोगलेकर, विजया पाटकी, आशा पारसनीस, चेतना बनावत, अतींद्र सरवादिकर, आरती ठाकुर, अश्विनी मोदक, फूमी निगेशी, नाम आगे आता है.  

प्रभा अत्रे की मृत्यु ( Prabha Atre Death )

13 जनवरी 2024 शनिवार हृदय की गति रुकने के कारण. 

प्रभा अत्रे की मृत्यु का करण ( Region of Prabha Atre Death )

13 जनवरी 2024 शनिवार की सुबह जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तब उन्हेंजल्द से जल्ददीनानाथ मंगेशकर अस्पतालले जाया गया लेकिनहृदय की गति रूकने के कारण रास्ते में ही उनके निधन हो गई. 

निष्कर्ष

इस लेख में हमनेजाना प्रभा अत्रे की जीवन परिचय के बारे में. आशा करता हूं आप लोगों को यह लेकर जरूर पसंद आई हो यदि किसी तरह का कोई सुझाव या अल्लाह है तू नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट जरुर करें धन्यवाद.

यह भी पढ़ें

FAQs

Q. प्रभा अत्रे का जन्म कब हुआ था ?

A. 13 सितंबर 1932

Q. प्रभात अत्रे का निधन कब हुआ था ?

A. 13 जनवरी 2024

Q. प्रभात अत्रे का पिता जी का नाम क्या है ?

A. प्रभात अत्रे का पिता जी का नाम अबासाहेब है

Q. प्रभा अत्रे को पद्म विभूषण पुरस्कार कब मिला था ?

A. 2022 में

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